Anchal Singhal

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लेखनी कहानी -14-Nov-2022

कभी कभी माँ की गोद में सिर रखके जी भर के रोने को दिल करता है,

यूँ तो दुनिया की सारी खुशियाँ माँ की झोली में रखने को दिल करता है,
पर कभी कभी माँ की गोद में सिर रखके जी भर के सोने को दिल करता है,
यूँ तो मेरी माँ छोटी छोटी चीज़ों में ही खुश हो जाती है,
तभी तो उनके हर दुख को खुद सहने को दिल करता है,
मेरा मेरी माँ की गोद में जी भर के रोने को दिल करता है।
माँ ही तो है जो खुद भूखा रहकर बच्चों को खाना खिलाती है 
माँ ही तो है जो बिन कहे सब समझ जाती है 
माँ जो खुद सारे दुख सहकर बच्चों को मुस्कुराना सिखाती है 
कभी कभी माँ की गोद में सिर रखकर जी भरके रोने को दिल करता है 

 #बोलतीतस्वीर 

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12 Comments

बेहतरीन प्रस्तुति 👌🌸

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Anchal Singhal

15-Nov-2022 09:11 PM

शुक्रिया

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Gunjan Kamal

14-Nov-2022 08:26 PM

बहुत ही सुन्दर

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Anchal Singhal

15-Nov-2022 09:11 PM

धन्यवाद

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Shirley Roy

14-Nov-2022 07:04 PM

बहुत खूब

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Anchal Singhal

15-Nov-2022 09:12 PM

शुक्रिया

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